Saturday, April 2, 2016

सलेक्शन पाने के लिए नोट्स कैसे बनाएं? नोट्स बनाते समय किन बातों का रखे ख्याल?

प्रतियोगी छात्रों से लेकर हर परीक्षा की तैयारी करने वाले छात्रों के सामने से सबसे बड़ा सवाल ये होता है कि वो नोट्स कैसे बनाएं? नोट्स बनाने के दौरान वो किन बातों का ध्यान रखें. नोट्स में किन बातों को लिखें किसे छोड़ दें. नोट्स बनाने की रणनीति को समझने के लिए आपको Natural Learning Process अर्थात स्वभाविक और सहज सीखने की प्रक्रिया को समझना होगा. अगर आपने नेचुरल लर्निंग प्रासेज को अच्छी तरह से समझ लिया तो समझिए आपने नोट्स बनाने की सबसे बड़ी टेक्निक सीख ली. आइए आपको बिन्दूवार तरीके से समझाते हैं कि आखिर क्या है नेचुरल लर्निंग प्रासेज.

नेचुरल लर्निंग प्रासेज को समझने के लिए उसे आप चार भागों में बांट सकते हैंः-

  1. पढ़ने की स्पीड (SPEED)
  2. पुनरावृत्ति (REVISION)
  3. हाथ और मस्तिष्क में तालमेल (HARMONY BETWEEN MIND AND HAND)
  4. सहज सीखने की कला (PROCESS OF NATURAL LEARNING)
1-पढ़ने की स्पीड कैसी हो?
पढ़ने की स्पीड कैसी होनी चाहिए इस पर हमने पूरा एक आर्टिकिल इसे पहले पोस्ट किया था. आप उस आर्टिकल यहांं पर क्लिक करके पढ़ सकते हैं. Click Here

2-पुनरावृत्ति (REVISION) 
नेचुरल लर्निंग प्रासेज अर्थात स्वाभिक और सहज सीखने की जो प्रक्रिया है उसमें रिविजन एक महत्वपूर्ण अंग है. हममें से अधिकांश लोग पढ़ाई का अानंद लेने की बजाय उसे एक बोझ मानकर मजबूरी में ढोते रहते हैं. इसके कारण हमारी मानसिक क्षमता विकसित होने की बजाय कुंठित हो जाती है. इसलिए नेचुरल लर्निंग प्रासेज को गहराई से समझना जरुरी है. नेचुरल लर्निंग प्रासेज को समझने के लिए आपको रिवजन से जुड़े कुछ रोचक तथ्यों को समझना होगा. ये तथ्य वैज्ञानिक रूप से प्रमाणिक हैं. 
  • अगर आपने जो कुछ भी पढ़ा है उसे 24 घंटे के अंदर नहीं दोहराते हैं तो  पढ़े हुए भाग का करीब 60 फीसदी (60%) भूल जाएंगे.
  • अगर आपने पढ़े हुए तथ्यों को एक हफ्ते तक रिविजन नहीं किया  तो पढ़े हुए हिस्से का करीब 80 फीसदी (80%) आप भूल जाएंगे. 
इन दो तथ्यों को पढ़ने के बाद आप अच्छी तरह से समझ गए होंगे की रिविजन किसी भी पढ़ाई में कितना महत्वपूर्ण है. अगर आप रेगुलर रिविजन को अपनी पढ़ाई का हिस्सा बना लेगें तो आप दूसरों से बहुुत आगे निकल जाएंगे. 

अब सवाल उठता है कि रिविजन के लिए रणनीति कैसे बनाएं? क्या अगर आपने 100 पन्नों की किताब पढ़ी है तो 24 घंटे के भीतर फिर से उस 100 पन्नों को पढ़ें. नहीं बिल्कुल भी नहीं. अगर आप ऐसा करते हैं तो समझिए आपसे बड़ा बेवकूफ कोई नहीं है. तो सवाल उठता है फिर क्या करें? जवाब सीधा और आसान है. नोट्स बनाइए. और नोट्स बनाने के लिए स्मार्ट स्टडी की रणनीति अपनाइए. इसके लिए कुछ बातों पर खास ध्यान दें...

  1. हमेंशा टेक्स्ट बुक ही  पढ़ें. गाइड और दूसरों के नोट्स से बचें. क्योंकि हर परीक्षार्थी अपने हिसाब से नोट्स बनाता है.
  2. किताबों को पढ़ते समय आवश्यक बिन्दुओं को अंडर लाइन (Underline) जरुर करते जाएं.
  3. पूरा पढ़ने  बाद महत्वपूर्ण अंशों को, जिन्हें आपने अंडर लाइन किया है, अपनी नोटबुक में नोट कर लें.
  4. अंडर लाइन किया हुआ ये नोट्स ही Quick Revision में काम आएगा. 
  5. पढ़कर उठने से पहले 1 या  2 मिनट यह ध्यान अवश्य करें की अभी आपने  क्या  पढ़ा है? इसी तरह  से जब आप दोबारा पढ़ने बैठे तो  1 से 2 मिनट फिर से यह ध्यान जरुर करें  कि आपने पिछली  बैठक (last sitting) में क्या पढ़ा था?
  6. नियम से हर  रविवार (Sunday) को पूरे हफ्ते में आपने जो कुछ भी पढ़ा है अपने नोट्स से उसका रिविजन जरुर करें. ये काम बिना किसी आलस्य और नागा के करें. 
  7. प्रत्येक विषय में अभी तक आपने जो कुछ भी पढ़ा है उसे अपने नोट्स से पूरा रिविजन करें. अगर इस बीच कोई नई जानकारी आपने संबंधित टॉपिक से पढ़ी है उसे अपने नोट्स में जरुर जोड़ें. 
  8. इस दौरान आप जिस भी परीक्षा की तैयारी कर रहे हैं उसके पुराने प्रश्न पत्रों को सॉल्व करने की कोशिश करें. इस दौरान आपको कोई ऐसा सवाल मिलता है जिसका उत्तर आपके नोट्स में नहीं है तो उसका उत्तर पता करके उस तथ्य को अपने नोट्स में जरुर जोड़ दें.
  9. एक या दो महीने के Monthly Revisions के बाद जब भी किसी भी विषय का रिविजन करें तो उसे पढ़ने के बाद एक बार रफ कॉपी में जरुर लिखें. रफ कॉपी में लिखने से आपको  तीन फायदे होंगे:-

  • आपको पता चलेगा कि अभी तक आपने जो कुछ भी पढ़ा उसे कितना Retain (ग्रहण) किया है.
  •  इससे आपके हाथ और मस्तिष्क के बीच सामंजस्य (Harmony) स्थापित होगा. 
  • लिखने और विचारों में एकरूपता आएगी. विचार उसी प्रकार व्यवस्थित होकर सामने आएंगे जिसे आपका हाथ लिख सके. 

अगर आप नोट्स बनाने के लिए इन बातों को अपनाते हैं तो निश्चय ही पढ़ाई में ना सिर्फ आपका मन लगने लगेगा बल्कि आपकी पूरी पर्सनालिटी खिल उठेगी. 


NOTE:- अगली कड़ी में...

  1. हाथ और मस्तिष्क में तालमेल (HARMONY BETWEEN MIND AND HAND)
  2. सहज सीखने की कला (PROCESS OF NATURAL LEARNING)

अपने नोट्स से परीक्षा में आनेवाले सवालों को जवाब कैसे लिखें कि ज्यादा से ज्यादा नंबर मिले... अगली कड़ी में आपके इन सवालों के भी प्रैक्टिकल जवाब मिलेंगे. 

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