Sunday, July 24, 2016

इस जज्बे को कितने शेयर... IAS की नौकरी छोड़कर, प्रतियोगी छात्रों को पढ़ा रहे हैं टी.एन. कौशल सर

टी.एन कौशल... सिविल सर्विसेज परीक्षा की तैयारी करनेवालों के बीच ये नाम इन दिनों चर्चा का विषय बना हुआ है. किसी को यकीन नहीं हो रहा है कि 2011 बैच के आई.एफ.एस टीएन कौशल ने सिर्फ इसलिए नौकरी छोड़ दी क्योंकि आईएएस एक्जाम में लगातार हिन्दी मीडियम के छात्रों के कामयाबी का प्रतिशत कम होता जा रहा है. सिविल सर्विसेज परीक्षा का चक्रव्यूह तोड़ने के लिए कौशल ने एक शानदार रणनीति तैयार की है. कौशल ने इस रणनीति को खुद आजामाया है और कामयाब हुए हैं.
IAS की ट्रेनिंग के दौरान टी.एन. कौशल (बाएं से दूसरे)
कौशल को सिविल सर्विसेज एक्जाम का चैंपियन कहा जाता है. ऐसा कहने के पीछे एक मजबूत आधार भी है. कानपुर देहात के नवोदय स्कूल से पढ़े कौशल इलाहाबाद यूनिवर्सिटी से ग्रेजुएशट और जेएनयू से हिन्दी साहित्य में पोस्ट ग्रेजुएशट हैं. हिन्दी साहित्य में जेआरएफ टीएन कौशल 2005 में यूपीपीएससी एक्जाम पास करके ट्रेजरी अफसर के लिए चुने गए. 2006 में वे यूपी में डिप्टी कलेक्टर बने. 2010 में यूपीएससी का एक्जाम पास करके असिस्टेंट इनकम टैक्स कमिश्नर (IRS) बने और फिर 2011 में भारतीय विदेश सेवा के लिए चुने गए. लेकिन ट्रेनिंग के बाद कौशल ने नौकरी छोड़ दी. अब कौशल हिन्दी मीडियम के छात्रों को सिविल सर्विसेज परीक्षा के लिए तैयार कर रहे हैं. उनके मार्गदर्शन में पढ़ी वान्या सिंह ने साल 2015 के यूपीपीसीएस परीक्षा में महिला वर्ग में पहला स्थान हासिल किया है. कौशल का मानना है कि सही गाइडेंस नहीं मिलने से हिन्दी मीडियम के छात्रों का सलेक्शन IAS में नहीं हो पा रहा है.

टी.एन. कौशल 

कौशल कहते हैं, "हिन्दी मीडियम के छात्रों को IIT, AIIMS, IIM जैसे देश के टॉप यूनिवर्सिटिज में पढ़े छात्रों से कंपटिशन करना पड़ रहा है. लेकिन हिन्दी मीडियम के छात्र और कोचिंग संस्थानों में पढ़ाने वाले टीचर पुराने ढर्रे पर ही पढ़ाई करा रहे हैं. इसी वजह से हिन्दी मीडियम के छात्रों का प्रतिशत लगातार कम हो रहा है."
पूर्व राज्यपाल से मुलाकात के दौरान टी.एन. कौशल सर




कौशल ने हिन्दी मीडियम छात्रों के लिेए एक त्रिस्तरीय प्लान तैयार किया है. अगर छात्र इस प्लान के तहत तैयारी करें तो उन्हें सफल होने से कोई रोक नहीं सकता है. सिक्रेट प्लान के बारे में खुलासा करते हुए कौशल कहते हैं," अपने अनुभवों के आधार पर मैंने पाया है कि अब तैयारी के लिए स्मार्ट रणनीति की जरुत है. सिर्फ किताबें पढ़ने से काम नहीं चलेगा. अब किताब के साथ-साथ दुनिया को देखने और समझने का नजरिया भी बदलना पड़ेगा. और ये सब एक दिन में नहीं होगा. इसके लिए 1 से 2 साल की दीर्घकालीन रणनीति बनानी होगी. अगर इस रणनीति पर चलने के लिए छात्र तैयार हैं तो मेरी गारंटी हैं सफलता उनके कदम चूमेंगी." देश की सबसे बड़ी नौकरी छोड़कर टीएन कौशल ने जो बीड़ा उठाया है वो काबिले तारिफ है. 

IAS की ट्रेनिंग के दौरान साथी मित्रों के साथ टी.एन. कौशल सर

टी.एन. कौशल सर इन दिनों दिल्ली की मुखर्जीनगर में ट्रांसफार्मर आई.ए.एस. अकादमी में प्रतियोगी छात्रों का मार्ग दर्शन कर रहे हैं. आप उनसे पूर्व अप्वाइंटमेंट लेकर मिल सकते हैं. पता और नंबर है...

ट्रांसफार्मर आई.ए.एस. अकादमी
A-1, कमार्शियल, कॉम्प्लेक्स, मेन रोड़, मुखर्जी नगर, नई दिल्ली
09953126338
09717156339

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